Atreya


Saturday, January 15, 2011

अपने करियर को दें फिनिशिंग टच

 
 

धीरज और समीर ने ग्रेजुएशन करते हुए एक मैनेजमेंट कोर्स करने का फैसला किया। दोनों ने एक प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान में दाखिला लिया। उन्हें स्पेशलाइजेशन के लिए मार्केटिंग को चुना। समीर ने ट्रेडिंग स्किल्स का एक छोटा सा कोर्स करते हुए ग्राहकों के साथ डील करने की कला भी सीख ली। कैंपस सेलेक्शन के वक्त दोनों को एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सालाना ४ लाख रुपए के पैकेज पर नियुक्ति मिल गई। छह महीने बाद ही समीर को पदोन्नत कर असिस्टेंट मैनेजर बना दिया गया और उसका सेलरी पैकेज भी साढ़े छह लाख रुपए हो गया। आखिर समीर इतनी जल्दी इस उच्च पोजीशन पर कैसे पहुंच गया? यह सॉफ्ट स्किल्स की स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग ही थी, जिसने समीर को आत्मविश्वासी और परफॉर्मेस ओरिएंटेड बनाया।

करियर के शुरुआती स्तर पर बेहतर एसाइनमेंट्स पाने के लिए तकनीकी योग्यताएं अहम होती हैं। लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि कॅरियर पथ पर तेजी से आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति की संप्रेषण योग्यता व व्यावहारिक कौशल भी मायने रखता है। यहां कुछ ऐसी स्किल्स के बारे में बात की जा रही है, जिन्हें छात्र कारपोरेट जगत में उतरने से पहले आत्मसात कर लें तो बेहतर है।

करियर गाइडडेस

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में सीनियर लेक्चरर डॉ. शीनू जैन पेशेवर जगत में आगे बढ़ने के लिए सॉफ्ट स्किल्स के महत्व के बारे में बता रही हैं।

व्यक्तिगत खूबियां

अनौपचारिक बातचीत से लेकर औपचारिक प्रजेंटेशनों के लिए भी अपनी संप्रेषण क्षमता में सुधार करें।

सामाजिक शिष्टाचार व सदाचरण का ध्यान रखें और दूसरों के साथ संयत व्यवहार करें।

कारपोरेट कम्युनिकेशन

इंटर-ग्रुप व इंट्रा-ग्रुप कम्युनिकेशन स्किल्स को प्रभावी बनाएं।

अंदरूनी व बाहरी स्तर पर होने वाले बिजनेस कम्युनिकेशन का स्तर बढ़ाएं।

फॉर्मल प्रजेंटेशन बनाएं।

करियर ग्रोथ

अपनी खूबियां, खामियां और कॅरियर संबंधी अवसर व जोखिम को अच्छी तरह पहचानें और उसी के मुताबिक निर्णय लें।
किसी खास पेशे के लिए जरूरी एटीट्यूड का खुद में विकास करें। ( दैनिक भास्कर )



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