Atreya


Monday, November 22, 2010

  तनाव को करेगा दूर ये मंत्र..





 
 


 
 ऊं को निराकार ब्रम्ह का स्वरूप माना गया है।ऊं की ध्वनि एक ऐसी ध्वनि है जिसकी गुंज को बहुत प्रभावशाली माना गया है। ऊं के उच्चारण के कई सारे फायदे हैं। ऊं की ध्वनि मानव शरीर के लिये प्रतिकुल डेसीबल की सभी ध्वनियों को वातावरण से निष्प्रभावी बना देती है।


- विभिन्न ग्रहों से आने वाली अत्यंत घातक अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव ओम की ध्वनि की गुंज से समाप्त हो जाता है। मतलब बिना किसी विशेष उपाय के भी सिर्फ ओम् के जप से भी अनिष्ट ग्रहों के प्रभाव को कम किया जा सकता है।- ऊँ का उच्चारण करने वाले के शरीर का विद्युत प्रवाह आदर्श स्तर पर पहुंच जाता है।


- इसके उच्चारण से इंसान को वाक्सिद्धि प्राप्त होती है।


- नींद गहरी आने लगती है। साथ ही अनिद्रा की बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है।


-मन शांत होने के साथ ही दिमाग तनाव मुक्त हो जाता है।






वो मंत्र जो आपकी जिंदगी बदल सकता है


 
जो मन के तंत्र पर अधिकार रखता है, वही मंत्र है। मन का तंत्र यानि कि मन का सिस्टम। मंत्र एक एसा रिमोट कंट्रोल है जो मन और उसकी अप्रत्याशित शक्तियों को नियंत्रित ही नहीं बल्कि अपनी सुविधानुसार संचालित भी कर सकता है। ध्वनि विज्ञान ही मंत्र का आधार है। ध्वनि की अद्भुत शक्ति के साथ, साधक का मनोबल और एकाग्रता की शक्ति मिलकर एक ऐसी अजेय शक्ति बन जाती है, जिसके लिये कुछ भी असंभव नहीं रहता। इस अजेय शक्ति को साधक जब किसी निर्धारित लक्ष्य पर प्रेषित करता है तो विधि का गुप्त विधान इसके अनुकूल हो जाता है।

एक नई दुनियां- मंत्र विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया भर में आज तक जितने भी मंत्र खोजे या बनाए गए हैं, उनमें गायत्री मंत्र को सर्वोच्च शक्तिशाली व सर्व समर्थ मंत्र होने का दर्जा प्राप्त है। ब्रह्मऋषि विश्वामित्र ने एक सवर्था नवीन सृष्टि रचने का जो अभिनव चमत्कार किया था, वह इस गायत्री मंत्र से प्राप्त शक्ति के आधार पर ही किया था। यह तो एक उदाहरण मात्र है, ऐसे अनेकानेक चमत्कार गायत्री मंत्र के बल पर हो चुके हैं। वेद, उपनिषद्, पुराण आदि तमाम ग्रंथ गायत्री मंत्र के अद्भुत व आश्चर्यजनक चमत्कारों से भरे पड़े हैं। आज भी यदि कोई पूरे विधि-विधान से गायत्री मंत्र की साधना करे, तो भौतिक या आध्यात्मिक लक्ष्य कोई भी हो हर हाल में उसे प्राप्त किया जा सकता है।
 
 
 
 
 

ऐसे पाएं आत्मविश्वास से भरा व्यक्तित्व

 
 





आज इस भागदौड़ से भरे जीवन में कॉम्पीटिशन बहुत बढ़ गया है। हर कोई दूसरे को पीछे धकेलकर खुद आगे बढऩा और उन्नति के शिखर पहुंचना चाहता है।अक्सर मदद ना मिलने के कारण हम पीछे रह जाते हैं। दूसरों से मदद पाने के लिए और उन्हें अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए ये जरूरी है कि आपका व्यक्तित्व आकर्षक हो।


व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने में रंग-रूप का कोई महत्व नहीं होता। दरअसल किसी व्यक्ति का आत्मविश्वास कितना है? यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी व्यक्ति का अपने आप पर विश्वास और कुछ कर गुजरने की चाहत ही उसे आकर्षक बनाती है। अब सवाल ये उठता है कि आत्मविश्वास लाएं कैसे? आत्मविश्वास के लिए सकारात्मक सोच होना बहुत जरूरी होती है। जो सकारात्मक सोचता है वही आत्मविश्वास से भरपूर दिखाई पड़ता है।


यदि आप भी आत्मविश्वास चाहते हैं तो इसके लिए ध्यान सबसे आसान तरीका है। इसलिए हर रोज अपने लिए कुछ समय निकालकर ध्यान जरूर करें। ध्यान एक ऐसा माध्यम है जो पूरे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। धीरे-धीरे ध्यान का समय बढ़ाते जाएं क्योंकि जितना अधिक समय ध्यान करते हैं उसका चेहरा उतना ही कांतिमय हो जाता है। साथ ही व्यक्तित्व का आकर्षण बढ़ता ही चला जाता है।      ( दैनिक भास्कर )





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